Thursday, October 22nd, 2026

महाराष्ट्र में कुछ इस तरह के लॉकडाउन का बन रहा है प्लान

मुंबई
महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर के कहर को रोकने के लिए अब लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ेगा। कोविड-19 टास्क फोर्स की ओर से इसकी सिफारिश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी पाबंदी के लिए तैयार हैं। उद्धव ने अधिकारियों को इसके लिए तैयारी करने को कहा है। हालांकि, उन्होंने लॉकडाउन की ऐसी योजना बनाने का आदेश दिया है जिससे अर्थव्यवस्था पर कम से कम असर हो।  बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के अलावा अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कार्यबल के सदस्यों ने अगले 24 घंटों में राज्य में 40,000 नए मामले सामने आने को लेकर आशंका जाहिर की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए राज्य में बिस्तरों, दवाओं और ऑक्सीजन की उपलब्धता समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों की समीक्षा की।

बयान के मुताबिक, कार्यबल ने संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए राज्य में सख्त लॉकडाउन लागू करने की सिफारिश की। इसके मुताबिक, बाद में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लॉकडाउन लागू करने के संबंध में ऐसी विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि इससे अर्थव्यवस्था कम से कम प्रभावित हो। बयान में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया, ''लॉकडाउन की घोषणा होने पर लोगों के बीच किसी तरह के असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए।'' महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 35,726 नए मामले सामने आए थे तो रविवार को 40 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए।  स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर जनता द्वारा देरी से परीक्षण कराए जाने को जिम्मेदार ठहराया। विभाग ने कहा, ''लोग समय पर जांच नहीं करवा रहे हैं। वे कोविड-19 बचाव नियमों का पालन नहीं कर रहे। निजी प्रतिष्ठान कार्यालय में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति के नियम का पालन नहीं कर रहे। गृह पृथक-वास को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है। यही कुछ कारण संक्रमण के मामलों में वृद्धि की वजह हो सकते हैं।'' इसके बाद, मुख्यमंत्री ने महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में अनाज, दवाइयां और अन्य सभी तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में प्रतिदिन 10 फीसदी की दर से मामलों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा, ''हमें कुछ इलाकों में बिस्तरों की कमी की आशंका है।''

 

 

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Source : Agency

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